Telegram Ban in India: क्या है पूरा सच, क्यों सरकार ने उठाया बड़ा कदम ?
Telegram Ban in India: Telegram को भारत में अस्थायी रूप से रोकने के फैसले ने करोड़ों यूजर्स को चौंका दिया है। आखिर सरकार ने यह कदम क्यों उठाया? क्या वजह है और कब तक चलेगी यह पाबंदी? जानिए पूरी सच्चाई इस रिपोर्ट में।

भारत में लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप Telegram को लेकर इन दिनों बड़ी चर्चा चल रही है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इस प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। करोड़ों लोग जो रोजाना Telegram का इस्तेमाल पढ़ाई, बिजनेस, न्यूज, फाइल शेयरिंग और कम्युनिकेशन के लिए करते हैं, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकार ने ऐसा कदम क्यों उठाया और इसके पीछे असली वजह क्या है। दरअसल, सरकारी एजेंसियों के मुताबिक हाल के समय में Telegram का इस्तेमाल कुछ संगठित गिरोहों द्वारा फर्जी प्रश्नपत्र बेचने, पेपर लीक से जुड़े दावे फैलाने और छात्रों को धोखा देने के लिए किया जा रहा था। खासकर NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले जांच एजेंसियों को ऐसे कई चैनल और ग्रुप्स की जानकारी मिली, जहां कथित तौर पर परीक्षा से जुड़े फर्जी पेपर, लीक के दावे और पैसे लेकर छात्रों को ठगने जैसी गतिविधियां सामने आईं। इसी वजह से सरकार ने National Testing Agency (NTA) की सिफारिश पर सख्त कदम उठाने का फैसला किया।
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टेलीग्राम कब तक बंद रहेगा
रिपोर्ट्स के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत Telegram की पहुंच पर अस्थायी रोक लगाई है। यह रोक स्थायी नहीं बल्कि सीमित समय के लिए बताई जा रही है और फिलहाल 22 जून तक लागू रहने की जानकारी सामने आई है। सरकार का कहना है कि यह फैसला छात्रों को फर्जीवाड़े से बचाने और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लिया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि Telegram के कुछ फीचर्स, खासकर बड़े ग्रुप्स, चैनल्स और मैसेज एडिट करने की सुविधा का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे परीक्षा के बाद भी फर्जी “पेपर लीक” के सबूत बनाकर भ्रम फैलाया जा सकता था। इसी कारण कुछ समय के लिए मैसेज एडिट फीचर पर भी रोक लगाए जाने की खबर सामने आई है।
NTA STATEMENT REGARDING THE ACTION ON TELEGRAM PLATFORM IN INDIA
— National Testing Agency (@NTA_Exams) June 16, 2026
1. The National Testing Agency (NTA) welcomes the directions issued today in respect of the Telegram platform in India. The directions, issued on recommendations of NTA are calibrated and bounded in time:
(a) a…
टेलीग्राम के मालिक ने क्या कहा?
हालांकि, इस फैसले को लेकर बहस भी तेज हो गई है। Telegram के संस्थापक पावेल ड्यूरोव ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ गलत लोगों की वजह से करोड़ों आम यूजर्स को परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि अगर कुछ लोग प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, न कि पूरे प्लेटफॉर्म को सीमित कर दिया जाए। दूसरी तरफ सरकार और जांच एजेंसियों का तर्क है कि परीक्षा के समय बड़े स्तर पर फैल रही धोखाधड़ी और गलत जानकारी को रोकने के लिए यह जरूरी कदम था।
फिलहाल इतना साफ है कि Telegram भारत में हमेशा के लिए बंद नहीं किया गया है, बल्कि इसे एक अस्थायी और विशेष परिस्थिति में लागू कदम बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति की समीक्षा के बाद सरकार आगे का फैसला ले सकती है। लेकिन इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह बहस शुरू कर दी है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए और ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार को कितनी सख्ती करनी चाहिए।